Close Menu
thekhabarchhattisi.comthekhabarchhattisi.com
  • होम
  • देश – विदेश
  • छत्तीसगढ़
  • अन्य
  • उद्योग
  • खेल
  • मनोरंजन
  • राजनीति

Subscribe to Updates

Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

What's Hot

विद्युत संयंत्र दुर्घटना के मृतकों के परिवारों को दिया जा रहा मुआवजा

04/20/2026

बालको टाउनशिप में ‘फॉरेस्ट वॉकवे’ बना प्रकृति और स्वास्थ्य का नया केंद्र

04/02/2026

छत्तीसगढ़ में धर्म स्वातंत्र्य विधेयक पारित, भाजपा झुग्गी-झोपड़ी प्रकोष्ठ ने जताया आभार, सीएम और गृहमंत्री का रुद्राक्ष माला से होगा अभिनंदन

03/20/2026
Facebook X (Twitter) Instagram
Friday, April 24
thekhabarchhattisi.comthekhabarchhattisi.com
Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
  • होम
  • देश – विदेश
  • छत्तीसगढ़
  • अन्य
  • उद्योग
  • खेल
  • मनोरंजन
  • राजनीति
thekhabarchhattisi.comthekhabarchhattisi.com
Home»छत्तीसगढ़»बालको की उन्नति परियोजना ने बदली ज़िंदगी, गंगोत्री से मशरूम दीदी बनने का सफर
छत्तीसगढ़

बालको की उन्नति परियोजना ने बदली ज़िंदगी, गंगोत्री से मशरूम दीदी बनने का सफर

vinay.nishad089@gmail.comBy vinay.nishad089@gmail.com03/08/2026No Comments4 Mins Read
Share Facebook Twitter Threads WhatsApp Telegram
Follow Us
Facebook Instagram YouTube WhatsApp Telegram
Share
Facebook Twitter Telegram WhatsApp Threads

वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) अपनी सामुदायिक विकास परियोजना ‘उन्नति’ के अंतर्गत स्व-सहायता समूह की महिलाओं को आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इन्हीं में से एक प्रेरक कहानी लालघाट क्षेत्र की निवासी गंगोत्री विश्वकर्मा की है, जिन्होंने रोज़ की मजदूरी से निकलकर मशरूम उत्पादन के ज़रिये आत्मनिर्भरता की नई पहचान बनाई। बालको के सामुदायिक विकास सहयोग और प्रशिक्षण से आज ‘मशरूम दीदी’ न सिर्फ अपने परिवार को संबल दे रही हैं, बल्कि अन्य महिलाओं के लिए भी आत्मनिर्भरता की राह खोल रही हैं।

गंगोत्री जी ने बताया कि कुछ साल पहले तक उनकी ज़िंदगी रोज़ की मजदूरी के सहारे चलती थी। सुबह काम मिले तो चूल्हा जले, नहीं मिले तो बच्चों के चेहरे देखकर मन भीतर ही भीतर टूट जाता था। भविष्य की चिंता हर रात नींद छीन लेती थी। लेकिन वर्ष 2019 उनकी ज़िंदगी का सबसे बड़ा मोड़ बनकर आया। इसी साल उन्नति परियोजना के माध्यम से जय मां हर्षिता स्व सहायता समूह से जुड़कर, मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण लिया। उस दिन मैंने महसूस किया कि शायद मेरी मेहनत भी किसी दिन अपनी पहचान बना सकती है।

बालको के सहयोग से मिले प्रशिक्षण के बाद मैंने उसी वर्ष मशरूम की खेती शुरू की। शुरुआत में 16 बैग लगाए थे। मन में बहुत उम्मीदें थीं, लेकिन जब फसल आई तो सिर्फ 2 बैग में ही मशरूम उगे। वही दो बैग मेरे लिए हार नहीं, बल्कि नई शुरुआत की उम्मीद बन गए। मैंने अपनी गलतियों को समझा, तकनीक पर ध्यान दिया और हिम्मत जुटाकर दोबारा कोशिश की। धीरे-धीरे उत्पादन बढ़ता गया और आज मसरूम इकाई में लगभग 200 बैग तक मशरूम उत्पादन हो रहा है।

इसकी खेती में 20 से 25 दिनों के भीतर पैदावार की शुरुवात होती है, सप्ताह के अंतराल पर तीन बार फसल मिलती है। लगातार उत्पादन बना रहे, इसलिए मैं रोज़ाना लगभग दो नए बैग तैयार करती हूँ। अब मुझे इंतज़ार नहीं करना पड़ता, हर दिन मेरे सपनों की फसल तैयार होती है। मशरूम उत्पादन की विधि में पैरा-कुट्टी को भिगोकर उतना ही सुखाया जाता है जिससे हल्की नमी बरकरार रहे। पोषण के लिए बायो-स्टिमुलेंट पाउडर और रोग से बचाव के लिए फॉर्मूलिन पाउडर मिलाया जाता है। इसी वैज्ञानिक तरीके से तैयार किए गए बैग में अच्छी और सुरक्षित पैदावार होती है।

मैं अपनी पूरी उपज खुद बाज़ार में बेचती हूँ। शुरुआत के कठिन दौर में मुझे बालको सीएसआर से बहुत सहयोग मिला। उसी सहयोग से मेरा आत्मविश्वास भी बढ़ा। आज मैं खुद बीज मंगवाती हूँ और अपने समूह की दूसरी महिलाओं को भी बीज उपलब्ध कराती हूँ। आज मैं जय मां हर्षिता स्व सहायता समूह की सचिव के रूप में कार्य कर रही हूँ। लोग मुझे ‘मशरूम दीदी’ के नाम से जानते हैं यह मेरे लिए गर्व की बात है।

कोविड काल मेरे परिवार के लिए सबसे कठिन समय था। मेरे पति की आमदनी लगभग बंद हो गई थी। कई बार लगा कि फिर से मजदूरी की ज़िंदगी में लौटना पड़ेगा। लेकिन उसी समय मशरूम की खेती हमारे लिए सहारा बन गई। इसी फसल से घर के खर्च के साथ ही हमने थोड़ी बचत भी शुरू की। मशरूम की आमदनी और पति के सहयोग से हम एक ऑटो खरीद सके। आज मेरे पति वही ऑटो चलाते हैं। समय मिलने पर वो मेरे काम में हाथ भी बंटाते हैं। अब घर में सिर्फ संघर्ष की बातें नहीं होतीं, बल्कि आगे बढ़ने के सपने होते हैं।

आज मशरूम उत्पादन से मुझे औसतन प्रति माह लगभग 15 हजार का लाभ हो जाता है। सबसे बड़ा सुकून इस बात का है कि अब मैं अपने बच्चों की पढ़ाई को लेकर निश्चिंत हूँ। मेरा सपना है कि आने वाले समय में मैं 200 बैग से बढ़ाकर 5 हजार बैग तक मशरूम उत्पादन कर सकूँ, ताकि सिर्फ मेरा परिवार ही नहीं, बल्कि मेरे जैसी और भी महिलाएँ अपने पैरों पर खड़ी हो सकें।

आज जब मैं पीछे मुड़कर देखती हूँ, तो लगता है, मजदूरी से शुरू हुई मेरी ज़िंदगी ने आत्मनिर्भरता तक का सफर तय कर लिया है। सही प्रशिक्षण, संस्थागत सहयोग और मजबूत हौसलों से एक साधारण महिला भी अपने भविष्य की दिशा बदल सकती है।

vinay.nishad089@gmail.com
vinay.nishad089@gmail.com
Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Threads
vinay.nishad089@gmail.com
  • Website

Related Posts

विद्युत संयंत्र दुर्घटना के मृतकों के परिवारों को दिया जा रहा मुआवजा

04/20/2026

बालको टाउनशिप में ‘फॉरेस्ट वॉकवे’ बना प्रकृति और स्वास्थ्य का नया केंद्र

04/02/2026

छत्तीसगढ़ में धर्म स्वातंत्र्य विधेयक पारित, भाजपा झुग्गी-झोपड़ी प्रकोष्ठ ने जताया आभार, सीएम और गृहमंत्री का रुद्राक्ष माला से होगा अभिनंदन

03/20/2026
मुख्य खबरें

विद्युत संयंत्र दुर्घटना के मृतकों के परिवारों को दिया जा रहा मुआवजा

vinay.nishad089@gmail.com04/20/2026

– छत्तीसगढ़ के प्रभावित परिवारों तक पहुँच रहे कंपनी प्रतिनिधि। – दूसरे प्रदेशों के मृत…

बालको टाउनशिप में ‘फॉरेस्ट वॉकवे’ बना प्रकृति और स्वास्थ्य का नया केंद्र

04/02/2026

छत्तीसगढ़ में धर्म स्वातंत्र्य विधेयक पारित, भाजपा झुग्गी-झोपड़ी प्रकोष्ठ ने जताया आभार, सीएम और गृहमंत्री का रुद्राक्ष माला से होगा अभिनंदन

03/20/2026

BALCO में जोगी कांग्रेस का ‘खटिया खड़ी’ आंदोलन पूरी तरह से असफल

03/20/2026
Stay In Touch
  • Facebook
  • Twitter
  • Pinterest
  • Instagram
  • YouTube
  • Vimeo
About Us
About Us

The Khabar Chhattisi छत्तीसगढ़ का एक स्वतंत्र न्यूज़ पोर्टल है, जो आपको ताज़ा, निष्पक्ष और विश्वसनीय ख़बरें प्रदान करता है। हमारा उद्देश्य है समाज को सच्ची जानकारी उपलब्ध कराना और जनता की आवाज़ को सामने लाना।

संपादक/स्वामी: दीपक कुमार
पता: कोरबा, छत्तीसगढ़
मोबाइल: +91-9109840171
ईमेल: khabarchhattisi2021@gmail.com

Facebook X (Twitter) Instagram WhatsApp
Our Picks

विद्युत संयंत्र दुर्घटना के मृतकों के परिवारों को दिया जा रहा मुआवजा

04/20/2026

बालको टाउनशिप में ‘फॉरेस्ट वॉकवे’ बना प्रकृति और स्वास्थ्य का नया केंद्र

04/02/2026

छत्तीसगढ़ में धर्म स्वातंत्र्य विधेयक पारित, भाजपा झुग्गी-झोपड़ी प्रकोष्ठ ने जताया आभार, सीएम और गृहमंत्री का रुद्राक्ष माला से होगा अभिनंदन

03/20/2026
Most Popular

मोदी ने एससीओ मंच से दिया संदेश, आतंकवाद मानवता के लिए सबसे बड़ा खतरा

09/01/20250 Views

अफगानिस्तान में भीषण भूकंप से 500 से अधिक मौतें, भारत-पाकिस्तान में भी महसूस हुए झटके

09/01/20250 Views

हिमाचल में लैंडस्लाइड से 4 की मौत, हरियाणा की फसल डूबी और 4 फीट तक पानी भरा

09/01/20250 Views
© 2026 The Khabar Chhattisi. Designed by Nimble Technology.
  • Privacy Policy
  • Terms and Conditions
  • Disclaimer
  • About Us
  • Contact Us

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.