कोरबा। हिंदू नव संवत्सर और चैत्र नवरात्र के पावन अवसर पर छत्तीसगढ़ विधानसभा में प्रस्तुत धर्म स्वातंत्र्य विधेयक बहुमत से पारित हो गया। इस विधेयक को प्रदेश के गृहमंत्री Vijay Sharma द्वारा सदन में पेश किया गया, जिस पर चर्चा के बाद इसे पारित कर दिया गया। विधेयक पारित होने पर भाजपा झुग्गी-झोपड़ी प्रकोष्ठ के जिला संयोजक अमित टमकोरिया ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai और गृहमंत्री विजय शर्मा के प्रति आभार जताया है।
अमित टमकोरिया ने कहा कि लंबे समय से प्रदेश में धर्मांतरण को लेकर चिंता व्यक्त की जा रही थी और यह विधेयक उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि सेवा के नाम पर गरीब, आदिवासी, वनवासी और पिछड़े वर्ग के लोगों का धर्म परिवर्तन कराने की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं। अब इस विधेयक के लागू होने से ऐसे मामलों पर प्रभावी रोक लगेगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित होगी।

उन्होंने बताया कि धर्म स्वातंत्र्य विधेयक पारित होने से प्रदेश में सामाजिक संतुलन बनाए रखने में मदद मिलेगी और कमजोर वर्गों का शोषण रोकने में प्रशासन को मजबूती मिलेगी। भाजपा झुग्गी-झोपड़ी प्रकोष्ठ ने इसे प्रदेश सरकार का ऐतिहासिक निर्णय बताया है।
अमित टमकोरिया ने कहा कि यह विधेयक पूर्व केंद्रीय मंत्री Dilip Singh Judeo द्वारा चलाए गए घर वापसी अभियान की भावना के अनुरूप है और लंबे समय से हिंदुत्व तथा राष्ट्र सेवा में लगे लोगों के संघर्ष का परिणाम है। उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए भाजपा कार्यकर्ताओं और हिंदू संगठनों में उत्साह का माहौल है।
रुद्राक्ष की माला से होगा अभिनंदन
भाजपा झुग्गी-झोपड़ी प्रकोष्ठ के जिला संयोजक ने बताया कि विधेयक पारित होने की खुशी में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और गृहमंत्री विजय शर्मा का जल्द ही रुद्राक्ष की माला पहनाकर अभिनंदन किया जाएगा। इसके लिए कार्यकर्ताओं द्वारा विशेष कार्यक्रम की तैयारी की जा रही है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा लिए जा रहे ऐसे निर्णयों से आम जनता का विश्वास मजबूत हो रहा है और समाज में सकारात्मक संदेश जा रहा है।


